राजस्थान विश्वकर्मा योजना 2025 – पारंपरिक कारीगरों के लिए बड़ा अवसर
राजस्थान सरकार ने राज्य के पारंपरिक कारीगरों, श्रमिकों और छोटे उद्यमियों के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए विश्वकर्मा योजना (Vishwakarma Yojana) शुरू की है।
यह योजना उन लोगों के लिए है जो पीढ़ियों से अपने पारंपरिक व्यवसाय जैसे बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार, नाई, दर्जी, राजमिस्त्री, मोची, बुनकर आदि कार्यों में संलग्न हैं।

🔹 योजना के प्रमुख उद्देश्य
विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य राज्य के पारंपरिक श्रमिकों और कारीगरों को प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता प्रदान करके आत्मनिर्भर बनाना है।
इस योजना के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि श्रमिकों को आधुनिक तकनीक की जानकारी, उपकरण खरीदने के लिए आर्थिक मदद और सामाजिक सुरक्षा सुविधाएँ मिलें।
🔹 योजना के तहत मिलने वाले लाभ
1. प्रशिक्षण सुविधा:
लाभार्थियों को 60 घंटे का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान ₹3000/- प्रति माह की दर से भत्ता (Stipend) दिया जाएगा।
2. प्रशिक्षण उपरांत टूल किट सहायता:
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद लाभार्थी को ₹15,000/- की आर्थिक सहायता दी जाएगी ताकि वे अपने व्यवसाय के लिए आवश्यक टूल किट खरीद सकें।
3. सामाजिक सुरक्षा और अन्य सहायता:
पात्र श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, बीमा योजनाओं और पेंशन योजना का लाभ भी प्रदान किया जाएगा।
🔹 पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)
विश्वकर्मा योजना का लाभ पाने के लिए निम्न शर्तें लागू होंगी:
1. राजस्थान राज्य का स्थायी निवासी होना आवश्यक है।
2. लाभार्थी की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
3. आवेदक किसी पारंपरिक व्यवसाय जैसे दर्जी, सुनार, लोहार, कुम्हार, बढ़ई, मोची, नाई, बुनकर, राजमिस्त्री आदि में संलग्न होना चाहिए।
4. आवेदक के पास आधार कार्ड, बैंक खाता और आवश्यक प्रमाण पत्र होना चाहिए।
5. आवेदक ने किसी अन्य समान सरकारी योजना का लाभ पहले से नहीं लिया होना चाहिए।
🔹 आवश्यक दस्तावेज़ (Required Documents)
आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेज़ आवश्यक हैं:
1. आधार कार्ड
2. जाति प्रमाण पत्र
3. बैंक पासबुक की प्रति
4. पासपोर्ट साइज फोटो
5. मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी
6. जन्म तिथि प्रमाण (उदाहरण: 10वीं की मार्कशीट या जन्म प्रमाण पत्र)
🔹 आवेदन प्रक्रिया (Application Process)
विश्वकर्मा योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन मोड में किया जा सकता है।
आवेदन करने की प्रक्रिया इस प्रकार है:
📄 राजस्थान विश्वकर्मा योजना 2025
| Application Details | |
|---|---|
| Application Form Start Date | 2024 |
| Last Date for Apply | 2036 |
| Last Date for Fee Deposit | Non |
| Age | 18-45 |
| Application Fee (General / OBC / EWS) | Nill |
| Application Fee (SC / ST / PH) | Nill |
| Required Documents | Aadhaar, Jan Aadhaar, Ration Card, Photo, Signature, etc. |
| How to Fill the Form | Apply from nearest eMitra/CSC Center or through online self-application using help video. |
1. सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं:
🔗 https://vishwakarmapension.rajasthan.gov.in/
2. “नई आवेदन करें (New Application)” पर क्लिक करें।
3. अपनी व्यक्तिगत जानकारी भरें — नाम, पता, आयु, व्यवसाय आदि।
4. आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें।
5. आवेदन सबमिट करने के बाद आपको एक पंजीकरण संख्या (Registration Number) प्राप्त होगी।
6. आवेदन की स्थिति वेबसाइट पर “Application Status” विकल्प से देखी जा सकती है।
🔹 प्रशिक्षण प्रक्रिया
• प्रशिक्षण राज्य के विभिन्न औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) और कौशल विकास केंद्रों में आयोजित किया जाएगा।
• प्रशिक्षण अवधि 60 घंटे की होगी, जिसमें व्यावहारिक और सैद्धांतिक दोनों प्रकार की शिक्षा दी जाएगी।
• प्रशिक्षण के दौरान ₹3000/- प्रति माह की दर से भत्ता दिया जाएगा।
• प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ₹15,000/- की टूल किट सहायता राशि दी जाएगी।
🔹 योजना से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदु
विषय विवरण
योजना का नाम राजस्थान विश्वकर्मा योजना
राज्य राजस्थान
लाभार्थी पारंपरिक कारीगर एवं श्रमिक
प्रशिक्षण अवधि 60 घंटे
प्रशिक्षण भत्ता ₹3000/-
टूल किट सहायता ₹15,000/-
आवेदन माध्यम ऑनलाइन
आधिकारिक वेबसाइट https://vishwakarmapension.rajasthan.gov.in/
संपर्क नंबर 0145-2427147
ईमेल [email protected]
🔹 योजना से लाभान्वित होने वाले प्रमुख वर्ग
इस योजना के तहत निम्न वर्ग के कारीगर लाभान्वित होंगे:
• बढ़ई (Carpenters)
• सुनार (Goldsmiths)
• लोहार (Blacksmiths)
• राजमिस्त्री (Masons)
• कुम्हार (Potters)
• नाई (Barbers)
• दर्जी (Tailors)
• मोची (Cobblers)
• बुनकर (Weavers)
🔹 योजना का उद्देश्य और प्रभाव
राजस्थान विश्वकर्मा योजना का मकसद उन सभी पारंपरिक कामगारों को सशक्त बनाना है जो वर्षों से अपने हाथों के हुनर से जीवनयापन कर रहे हैं।
सरकार का मानना है कि यदि इन लोगों को आधुनिक प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और सामाजिक सुरक्षा मिलेगी तो वे अपने व्यवसाय को नई ऊँचाइयों तक ले जा सकेंगे।
यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी और “आत्मनिर्भर राजस्थान” की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगी।
🔹 संपर्क विवरण
अधिक जानकारी या सहायता के लिए आप निम्न माध्यमों से संपर्क कर सकते हैं:
📞 फोन नंबर: 0145-2427147
📧 ईमेल: [email protected]
🌐 वेबसाइट: https://vishwakarmapension.rajasthan.gov.in/
🔹 निष्कर्ष
राजस्थान विश्वकर्मा योजना 2025 पारंपरिक कारीगरों, श्रमिकों और छोटे उद्यमियों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाली योजना है।
इसका उद्देश्य न केवल रोजगार उपलब्ध कराना है, बल्कि कारीगरों को उनके पारंपरिक हुनर को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का अवसर देना भी है।
राज्य सरकार का यह प्रयास “कौशल से आत्मनिर्भरता” के विज़न को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
यदि आप किसी पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े हैं, तो इस योजना का लाभ उठाकर अपने जीवन में नई संभावनाएँ खोलें।
